सांवलिया जन्म स्थान मंदिर से 7 लाख निकले


मण्डफिया, 26 मार्च (प्रासं) ।
भादसोड़ा चौराहे हाईवे पर स्थित श्रीसांवलियाजी जन्म स्थान मंदिर के खोले गए भण्डार से सर्वाधिक रिकार्ड राशि प्राप्त हुई । सांवलियाजी प्राकट्य स्थल मंदिर प्रबंध कमेटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद सोमानी ने बताया कि भगवान के भण्डार से 7 लाख 10 हजार 326 रूपये प्राप्त हुए है । उन्होंने बताया कि परम्परागत इस बार दो माह में भण्डार खोला गया । भण्डार की गिनती कार्यकारी अध्यक्ष बाबूलाल ओझा, कोषाध्यक्ष नारायणलाल सोनी, मंत्री रतनलाल जाट की उपस्थिति में हुई ।
यहां अमावस्या का दो दिवसीय पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । सोमानी ने बताया कि इस बार खोले गये भण्डार से सर्वाधिक राशि प्राप्त हुई । दो दिन में यात्रियों की भारी रेलमपेल रही ।

8 comments:

चंदन कुमार झा said...

चिट्ठाजगत में आपका स्वागत है.......भविष्य के लिये ढेर सारी शुभकामनायें.

गुलमोहर का फूल

AlbelaKhatri.com said...

sanvliye seth ki
JAI HO

दिल दुखता है... said...

हिंदी ब्लॉग की दुनिया में आपका तहेदिल से स्वागत है... साथ ही नारद जयंती के शुभ अवसर पर ढेरों शुभकामनाएं.

वीरेन्द्र जैन said...

मंदिरों के पास अटूट सम्पदा इकट्ठी होती जा रही है क्या एक धर्म के सारे मंदिर अपनी सम्पदा को एकत्रित करके उसे धर्मस्थलों के सुधार सौन्दर्यीकरण और सुरक्षा के हेतु खर्च करने की व्यवस्था बनाना चाहेंगे. खेद है की उत्तरभारत के सारे मंदिर गंदे अव्यवस्थित और असुविधाजनक लूटपाट के अड्डे नज़र आते हैं. जिसे भगवान पर भरोसा होता है वह कभी संपत्ति एकत्रित नहीं होने देता . जो संपत्ति जोड़ते हैं वे सब घोर नास्तिक होते हैं

Pt.डी.के.शर्मा"वत्स" said...

ये जो इतनी धनराशी एकत्रित हो रही है. क्या कभी इसका उपयोग किसी लोकहितार्थ कार्यों में भी किया गया है ?

नारदमुनि said...

maine mandir dekha hai, us vakt jab main chittorgadh rahta tha, kumbha nagar me. ex mp somani jee ke makan ke nikat. sant family se mere bahut relation hain, aaj bhee. narayan narayan

अमृत‘वाणी’.com said...

महाशय जी में आप को सूचित कर देना चाहता हु की आप जो राशी श्री सांवलिया जी के यहाँ चढावे के लिए आती हे वो हर माह लाखो या कभी कभी करोडो में भी होती हे ! इस का स्थमाल धर्म के कामो में मंदीर निर्माण और जन हित के लिए किया जाता हे !


शेखर कुमावत

संगीता पुरी said...

बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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