भादवा में फागुन के रंग



मण्डफिया। मण्डफिया स्थित प्रख्यात कृष्णधाम भगवान सांवलिया सेठ के जलझूलनी एकादशी मेले की शुरूआत रविवार को शोभायात्रा के साथ हुई। भक्तों ने भगवान के संग फाग खेली और गुलाल उडी तो महौल फाल्गुनी और भक्तिमय हो गया।
chittorgarh

भगवान के दोपहर शयन के बाद मुख्य मंदिर के कपाट खुलने के साथ पुजारी जानकीदास व रामदास वैष्णव ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को मुख्य पुजारी केशवदास के सान्निध्य में सिंहासन पर बिराजमान कराया व प्रभु को गुलाब व गंगा जल से स्नान कराने के बाद इत्र का छिडकाव किया। अपराह्न 3 बजे मंदिर के पुजारी व श्रद्धालु भगवान के बाल स्वरूप को ज्योहीं बाहर लाए, सांवलिया सेठ के जयकारे गूंज उठे।

मन्दिर के काष्ट बैवाण मे भगवान सांवलिया सेठ की विशाल छवि के साथ इस सिंहासन को बिराजमान कराया गया। बाल स्वरूप भगवान की छवि की अगवानी मन्दिर मण्डल के पूर्व अध्यक्ष मन्नालाल शर्मा, सरपंच जानकीदास, मनोहर जैन व हजारो श्रद्धालुओं ने की। शोभायात्रा 4 बजे मन्दिर चौक से आरम्भ हुई।

इस शोभायात्रा में विजय के प्रतीक के रूप में आठ निशान चल रहे थे। इनके पीछे शिक्षण संस्थाओं की झांकियां थी। शोभायात्रा में सजे-धजे दो ऊंट भी थे। शोभायात्रा रात 8 बजे पुन: मन्दिर चौक में पहुंच सम्पन्न हुई।

सांस्कृतिक कार्यक्रम
सोमवार को गोवर्धन बस स्टैण्ड परिसर मंच पर रात्रि 9 बजे फाल्गुनी ब्रrाभट्ट व इसी मंच पर रात्रि 1 बजे राजस्थान आर्केस्ट्रा द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, मन्दिर के सामने मंच पर राजेश वारले म्यूजिकल ग्रुप व रात्रि 1 बजे अल्फा म्यूजिकल ग्रुप द्वारा सांस्ंकृतिक कार्यक्रम, रेफरल चिकित्सालय मंच पर रात्रि 9 बजे नेहा कक्कड,सोनू कक्कड व अभिजीत द्वारा भजन प्रस्तुति होगी

आज निकलेगी रथयात्रा
सोमवार को धार्मिक आयोजनों में रथ यात्रा प्रमुख आकर्षण का केन्द्र होगी। इस मुख्य दिवस पर भगवान सांवलिया सेठ के मन्दिर में राजभोग आरती के पश्चात दोपहर 12 बजे रथ यात्रा आरम्भ होगी। रथयात्रा शाम 4 बजे सांवलिया घाट पर पहुंचेगी। यहां भगवान के साथ हजारों भक्त जल में डुबकी लगाएंगे। रात 8 बजे मंदिर में आतिशबाजी होगी।

बैण्ड की धुन पर थिरके भक्त
शोभायात्रा में नीमच के सुभाष बैण्ड, कानोड व मण्डफिया का सांवलिया बैण्ड व काल्याखेडी गांव का श्याम सुन्दर बैण्ड भगवान के भक्ति गीतों की फिल्मी धूनों पर तैयार किए गए भजनों की स्वर लहरियां बिखेरते चल रहे थे। श्रद्धालु गीतों पर भक्ति मे मगन होकर नाच रहे थे। इधर, करतब दिखाते चल रहे 6 अश्व शोभायात्रा में शोभा बढा रहे थेे। भगवान सांवलियाजी की शोभायात्रा पर पुलिस की चौकस निगाहे थी। साथ ही मुख्य निष्पादन अधिकारी सुरेन्द्र माहेश्वरी, मन्दिर मण्डल अध्यक्ष कन्हैयादास, मेला मजिस्टे्रट कमलेश आबूसारिया, सहायक मजिस्ट्रेट मांगीलाल रैगर भी हर स्थिति पर नजर रखे थे। शोभायात्रा में शिक्षण संस्थाओं की झांकिया प्रमुख आकर्षण का केन्द्र रही। सांवलिया आदर्श विद्यालय की राम-लखन जानकी, बालिका माध्यमिक विद्यालय की श्रवण कुमार, सांवलिया शिक्षण संस्थान की चीर हरण नामक झांकियां प्रमुख आकर्षण का केन्द्र रही।

No comments:

ShareThis

copyright©amritwani.com

: जय श्री सांवलिया जी : : सभी कानूनी विवादों के लिये क्षेत्राधिकार चित्तोडगढ होगा। प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक/संचालकों का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। सम्प्रदाय विरोधी , अनैतिक,अश्लील, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी , मिथ्या , तथा असंवैधानिक कोई भी सामग्री यदि प्रकाशित हो जाती है तो वह तुंरत प्रभाव से हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता भी समाप्त करदी जाएगी। यदि कोई भी पाठक कोई भी आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक मंडल को सूचित करें | : जय श्री सांवलिया जी :