भक्तिरस में डूबे रात भर

Wednesday 02 Sep, 2009 03:00 PM मण्डफिया। 'कभी राम बनके, कभी श्याम बनके चले आना' भजन सहित अन्य भजनों की पार्श्व गायिकासोनू व नेहा कक्कड ने श्री सांवलियाजी के जलझूलनी एकादशी मेले के मुख्य मंच पर सोमवार रात प्रस्तुत कर लोगों को भक्ति रस में डूबोए रखा। भजन संध्या मे अभिजीत घोंसले ने भी गीत प्रस्तुत किए। रेफरल अस्पताल के मंच पर हजारों श्र ��ताओं की मौजूदगी में रात 10 बजे भगवान सांवलिया सेठ की स्तुति के बाद भजन संध्या शुरू हुई। भजनों के साथ अभिजीत घोंसले ने 'तेरी आंखे भुल भुलईयां', आदि फिल्मी गीत प्रस्तुत किए।

भजन संध्या में नेहा व सोनू कक्कड के 'कभी राम बन के, कभी श्याम बनके' व 'जय हो पवन कुमार' नामक भजनों पर श्रोता जमकर नाचे। महेश मोहन द्वारा प्रस्तुत गीत 'बचना ए हसीनों ' व 'सांवरिया से मिलने का ' गीत व भजन प्रस्तुत किए। भजन संध्या के दौरान कलाकार मयूर ने चुटकुले सुना कर श्रोताओं को हंसा कर लौट पोट कर दिया।

ऎश्वर्या ने 'मेरा मन है नशीला', राकेश व रोमी ने 'दिवाना राधे का' व 'अरे-रे मेरी जान है राधा' नामक भजन व गाने प्रस्तुत किए। पार्श्व गायिका सोनु कक्कड ने 'बाबूजी जरा धीरे चलो' नामक गीत में सहयोगी कलाकारों के साथ नृत्य पेश किया।

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