शरद पूर्णिमा पर्व मनाया


उदयपुर, ४ अक्टू.(प्रासं)। शरद पूर्णिमा पर्व अंचल के विभिन्न स्थानों पर मनाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा अर्चना कर ठाकुरजी को खीर का भोग धराया गया।
शरद पूर्णिमा पर्व पर ऐसी मान्यता है कि चन्दामामा की धवल किरणें निकलकर खीर प्रसाद को अमृत बना देती हंै। ऐसा हमारे शास्त्रों में विदित है। आज के दिन भगवान कृष्ण द्वारिका से वृन्दावन गए और गोपियों के साथ रास रचाया।
शरदोत्सव पर घर-घर खीर बनाई गई। खीर बनाने के बाद खीर के पात्र को खुले आसमान तले खुला रख दिया। रात्रि १२ बजे तक चन्द्रमा की चंचल किरणों से खीर अमृतमय हुई। परिवार के लोगों ने सामूहिक रूप से छत पर बैठकर खीर का पान किया।
मण्डफिया के श्री सांवलियाजी सेठ के मन्दिर में एवं मण्डफिया कस्बे में शरदपूर्णिमा पर्व मनाया। श्री सांवलियाजी मन्दिर में रात्रि १२ बजे पूजा-अर्चना के बाद सभी भक्तों को खीर का प्रसाद वितरण किया जिसमें देर रात्रि तक भक्त इसका लुत्फ उठाते रहे। मन्दिर मण्डल की ओर से पांच क्विंटल दूध एवं बादाम पिस्ता युक्त खीर का भगवान श्री को भोग धराया गया। इस मौके पर मन्दिर मण्डल चेयरमेन कन्हैयालाल वैष्णव, सरपंच हजारीदास वैष्णव, प्रशासनिक अधिकारी भगवानलाल चतुर्वेदी, सहायक लेखाकार किशनलाल शर्मा सहित कई कर्मचारी व्यवस्थाओं के तहत उपस्थित थे। इस अवसर पर समाजसेवी बीमा अभिकत्र्ता आदम अली बोहरा ने सैंकड़ों श्वास (दमा) रोगियों को खीर से दवाई पिलाई।

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