श्रद्धालुओं की उमडी भीड

28 दिसम्बर 2009, 23:37 hrs IST

मण्डफिया। प्रख्यात कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी मन्दिर में रविवार को निम्बाहेडा के अम्बामाता सेवा समिति के श्रद्धालु व शीतकालीन अवकाश के कारण यहां पर रिकार्ड श्रद्धालुओं की आवक हुई। भगवान सांवलिया सेठ के मन्दिर में रविवार सवेरे से ही हजारो की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड उमड पडी।
वैसे तो भगवान सांवलिया सेठ के मन्दिर में शीतकालीन अवकाश शुरू होते ही श्रद्धालुओं की हर दिन भीड बनी हुई है, लेकिन इस रविवार को लगभग आठ हजार श्रद्धालु निम्बाहेडा से पहुंचे। इससे कस्बे मे अमावस्या मेले का आभास हुआ। प्रदेश एवं पडोसी राज्यों के इन दिनों आ रहे श्रद्धालुओं के कारण यहां की सभी धर्मशालाएं व गेस्ट हाउस भरे हुए है। पार्किग स्थल पर वाहन खडे करने की भी जगह नहीं है। मन्दिर में पिछले तीन दिनों से सुबह से आरम्भ होने वाली कतारें शाम तक जारी रहती है।

मंडफिया तक की पदयात्रा
निम्बाहेडा। निम्बाहेडा के प्रमुख शक्ति पीठ श्रीअम्बामाता परिसर से रविवार तडके 3 बजे से आरंभ हुए पदयात्रियों के जत्थे सवेरे सात बजे तक सांवलियाजी के लिए रवाना होते देखे गए। निम्बाहेडा के विभिन्न चौराहोें पर पदयात्रियों के जत्थे सांवलिया सेठ की जय एवं अम्बिके मात की जय के नारे लगा रहे थे। श्रीअम्बामाता सेवा समिति के अध्यक्ष चैनसिंह चौहान, उपाध्यक्ष हिम्मतसिंह पंवार, शिवाजी राव मराठा, अजीत पुरोहित, महावीर सैन, सुरेश कालिया, सुरेश राहोरा आदि पदाघिकारियों के नेतृत्व में यह पदयात्रा निकाली गई। सम्पूर्ण पदयात्रा मार्ग पर एक दर्जन से अघिक स्थलों पर जलपान की व्यवस्था श्रद्धालुओं ने की। सांवलिया जी के देवकी सदन स्थल पर सभी पदयात्रियों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई।

No comments:

ShareThis

copyright©amritwani.com

: जय श्री सांवलिया जी : : सभी कानूनी विवादों के लिये क्षेत्राधिकार चित्तोडगढ होगा। प्रकाशित सभी सामग्री के विषय में किसी भी कार्यवाही हेतु संचालक/संचालकों का सीधा उत्तरदायित्त्व नही है अपितु लेखक उत्तरदायी है। आलेख की विषयवस्तु से संचालक की सहमति/सम्मति अनिवार्य नहीं है। सम्प्रदाय विरोधी , अनैतिक,अश्लील, असामाजिक,राष्ट्रविरोधी , मिथ्या , तथा असंवैधानिक कोई भी सामग्री यदि प्रकाशित हो जाती है तो वह तुंरत प्रभाव से हटा दी जाएगी व लेखक सदस्यता भी समाप्त करदी जाएगी। यदि कोई भी पाठक कोई भी आपत्तिजनक सामग्री पाते हैं तो तत्काल संचालक मंडल को सूचित करें | : जय श्री सांवलिया जी :